मरीजों की देखभाल: स्वच्छता और दवाइयों का सही तालमेल
जब शरीर किसी बीमारी से लड़ रहा होता है, तो उसकी रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) कम हो जाती है। ऐसे में थोड़ी सी भी गंदगी नए संक्रमण को जन्म दे सकती है। आइए जानते हैं कि हम अपने प्रियजनों का ख्याल कैसे रखें।
1. स्वच्छता (Hygiene) है आधी दवा
मरीज के आसपास का वातावरण जितना शुद्ध होगा, उनके ठीक होने की गति उतनी ही तेज होगी।
बिस्तर और कपड़े: मरीज के बिस्तर की चादर हर दिन बदलें। उनके कपड़ों को कीटाणुनाशक (जैसे Dettol या Savlon) से धोएं।
हाथों की सफाई: मरीज को छूने से पहले और बाद में अपने हाथ साबुन से अच्छी तरह धोएं। यह 'Cross-infection' को रोकने का सबसे सरल तरीका है।
कमरे की हवा: कमरे में ताजी हवा और रोशनी आने दें। बंद और सीलन भरे कमरों में बैक्टीरिया जल्दी पनपते हैं।
शारीरिक स्वच्छता: यदि मरीज नहाने की स्थिति में नहीं है, तो गुनगुने पानी से 'Sponge Bath' दें। उनके ओरल हाइजीन (मुंह की सफाई) का भी खास ध्यान रखें।
2. दवाइयों का सही प्रबंधन (Medication Management)
गलत समय पर या गलत मात्रा में ली गई दवा फायदे के बजाय नुकसान पहुंचा सकती है।
दवाई का समय (Punctuality): एंटीबायोटिक्स और लाइफस्टाइल से जुड़ी दवाएं (जैसे शुगर या बीपी) एक निश्चित समय पर ही लेनी चाहिए। इसके लिए फोन में अलार्म लगाएं।
प्रिस्क्रिप्शन का पालन: डॉक्टर ने दवा खाली पेट कही है या खाने के बाद, इसका सख्ती से पालन करें। अपनी मर्जी से दवा की खुराक न घटाएं और न बढ़ाएं।
स्टोरेज (Storage): दवाइयों को ठंडी और सूखी जगह पर रखें। कुछ दवाइयों (जैसे इंसुलिन) को फ्रिज में रखना जरूरी होता है, इसका ध्यान रखें।
एक्सपायरी डेट: समय-समय पर दवाइयों के पत्तों की जांच करें कि वे एक्सपायर तो नहीं हो गई हैं।
मरीज अगर लंबे समय तक बिस्तर (Bedridden) पर है, तो उनकी देखभाल की चुनौतियां बढ़ जाती हैं। ऐसे मरीजों में 'बेड सोर्स' (Bed Sores/घाव) और मांसपेशियों की जकड़न का खतरा सबसे ज्यादा होता है।
यहाँ बिस्तर पर लेटे मरीज की सफाई और देखभाल के कुछ खास तरीके दिए गए हैं:
बिस्तर पर लेटे मरीज (Bedridden Patient) की विशेष देखभाल
1. बेड सोर्स (Bed Sores) से बचाव
लगातार एक ही करवट लेटे रहने से शरीर के निचले हिस्सों (जैसे कूल्हे, एड़ियां और पीठ) पर घाव हो सकते हैं।
करवट बदलते रहें: हर 2 घंटे में मरीज की पोजीशन बदलें। कभी दाईं करवट, कभी बाईं और कभी सीधा लिटाएं।
एयर मैट्रेस (Air Mattress): यदि संभव हो, तो 'बबल एयर मैट्रेस' का उपयोग करें। यह शरीर के दबाव को बांट देता है और घाव होने से रोकता है।
त्वचा को सूखा रखें: पसीना या नमी घाव पैदा करती है। पाउडर का हल्का इस्तेमाल करें और त्वचा को हमेशा सूखा रखें।
2. बिस्तर की स्वच्छता (Bed Hygiene)
तनावमुक्त चादर: चादर में एक भी सिलवट (Wrinkle) नहीं होनी चाहिए। सिलवटें मरीज की कोमल त्वचा पर रगड़ और घाव पैदा कर सकती हैं।
वॉटरप्रूफ मैट (Mackintosh): गद्दे को खराब होने से बचाने के लिए चादर के नीचे वॉटरप्रूफ शीट का इस्तेमाल करें, लेकिन इसके ऊपर सूती चादर जरूर बिछाएं ताकि मरीज को गर्मी न लगे।
3. स्पंज बाथ और सफाई (Sponge Bath)
बिस्तर पर ही मरीज को नहलाने के लिए:
गुनगुना पानी: एक बाल्टी में गुनगुना पानी और हल्का कीटाणुनाशक मिलाएं।
तरीका: एक नरम तौलिये को पानी में भिगोकर निचोड़ लें। सबसे पहले चेहरा, फिर हाथ, छाती और अंत में पैरों को साफ करें।
बालों की सफाई: सूखे शैम्पू (Dry Shampoo) या बिना पानी वाले 'हेड वॉश कैप' का उपयोग किया जा सकता है।
4. फिजियोथेरेपी और मूवमेंट
बिस्तर पर रहने से हाथ-पैर जाम हो सकते हैं।
पैसिव एक्सरसाइज: धीरे-धीरे मरीज के पैरों और हाथों को मोड़ें और सीधा करें (डॉक्टर की सलाह पर)। इससे रक्त संचार (Blood Circulation) बना रहता है।
मालिश: हल्के हाथों से तेल या लोशन से मालिश करें ताकि त्वचा में जान बनी रहे।
बिस्तर पर भोजन और दवा देने के नियम
ऊपर उठा हुआ सिर: खाना खिलाते या दवा देते समय मरीज का सिर और पीठ 30-45 डिग्री तक ऊपर उठा कर रखें (Fowler’s position)। इससे खाना सांस की नली में नहीं फंसता।
छोटे निवाले: मरीज को धीरे-धीरे और छोटे टुकड़ों में भोजन दें।
सावधानी: अगर मरीज की पीठ या कूल्हे पर कोई लाल निशान दिखे, तो तुरंत डॉक्टर को बताएं, क्योंकि यह बेड सोर की शुरुआत हो सकती है।
निष्कर्ष
मरीज की सेवा करना एक जिम्मेदारी के साथ-साथ पुण्य का काम भी है। सही सफाई संक्रमण को दूर रखती है और सही दवाई बीमारी को जड़ से खत्म करती है। आपकी थोड़ी सी जागरूकता और ढेर सारा प्यार मरीज को बिस्तर से उठकर दोबारा मुस्कुराने की ताकत देता है।