मरीजों की देखभाल: स्वच्छता और दवाइयों का सही तालमेल

जब शरीर किसी बीमारी से लड़ रहा होता है, तो उसकी रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) कम हो जाती है। ऐसे में थोड़ी सी भी गंदगी नए संक्रमण को जन्म दे सकती है। आइए जानते हैं कि हम अपने प्रियजनों का ख्याल कैसे रखें।

1. स्वच्छता (Hygiene) है आधी दवा

मरीज के आसपास का वातावरण जितना शुद्ध होगा, उनके ठीक होने की गति उतनी ही तेज होगी।

2. दवाइयों का सही प्रबंधन (Medication Management)

गलत समय पर या गलत मात्रा में ली गई दवा फायदे के बजाय नुकसान पहुंचा सकती है।

मरीज अगर लंबे समय तक बिस्तर (Bedridden) पर है, तो उनकी देखभाल की चुनौतियां बढ़ जाती हैं। ऐसे मरीजों में 'बेड सोर्स' (Bed Sores/घाव) और मांसपेशियों की जकड़न का खतरा सबसे ज्यादा होता है।

यहाँ बिस्तर पर लेटे मरीज की सफाई और देखभाल के कुछ खास तरीके दिए गए हैं:


बिस्तर पर लेटे मरीज (Bedridden Patient) की विशेष देखभाल

1. बेड सोर्स (Bed Sores) से बचाव

लगातार एक ही करवट लेटे रहने से शरीर के निचले हिस्सों (जैसे कूल्हे, एड़ियां और पीठ) पर घाव हो सकते हैं।

2. बिस्तर की स्वच्छता (Bed Hygiene)

3. स्पंज बाथ और सफाई (Sponge Bath)

बिस्तर पर ही मरीज को नहलाने के लिए:

4. फिजियोथेरेपी और मूवमेंट

बिस्तर पर रहने से हाथ-पैर जाम हो सकते हैं।


बिस्तर पर भोजन और दवा देने के नियम


सावधानी: अगर मरीज की पीठ या कूल्हे पर कोई लाल निशान दिखे, तो तुरंत डॉक्टर को बताएं, क्योंकि यह बेड सोर की शुरुआत हो सकती है।


निष्कर्ष

मरीज की सेवा करना एक जिम्मेदारी के साथ-साथ पुण्य का काम भी है। सही सफाई संक्रमण को दूर रखती है और सही दवाई बीमारी को जड़ से खत्म करती है। आपकी थोड़ी सी जागरूकता और ढेर सारा प्यार मरीज को बिस्तर से उठकर दोबारा मुस्कुराने की ताकत देता है।